जयपुर न्यूज डेस्क: जयपुर में सार्वजनिक परिवहन को स्मार्ट और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में नई शुरुआत हुई है। लंबे समय से चल रही तैयारी के बाद शहर में पहली बार गुलाबी इलेक्ट्रिक बसों का ट्रायल रन शुरू किया गया। जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (JCTSL) की ओर से तीन दिन का परीक्षण अभियान चलाया जा रहा है, जिसकी शुरुआत अग्रवाल फार्म से हुई। बसों को मानसरोवर, कूकस, बस्सी और चौमूं पुलिया जैसे प्रमुख रूटों पर चलाकर उनकी कार्यक्षमता जांची गई।
ट्रायल के दौरान 12 मीटर लंबी बस को करीब 200 किलोमीटर और 9 मीटर बस को 186 किलोमीटर तक दौड़ाया गया। अधिकारियों ने बैटरी बैकअप, चार्जिंग समय, लोड क्षमता और ट्रैफिक परिस्थितियों में प्रदर्शन जैसे पहलुओं का बारीकी से आकलन किया। परीक्षण सफल रहने पर इन्हीं बसों को नियमित सेवा में शामिल किया जाएगा। केंद्र की ई-बस योजना के तहत राजस्थान को 1150 बसें मिलनी हैं, जिनमें से पहले चरण में 150 बसें जयपुर को आवंटित होंगी। आगे के चरणों में और बसें जोड़ी जाएंगी।
नई इलेक्ट्रिक बसें तकनीकी सुविधाओं से लैस हैं। इनमें जीपीएस ट्रैकिंग, सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन, ऑटोमेटिक दरवाजे और दिव्यांग यात्रियों के लिए रैंप की व्यवस्था की गई है। ये बसें डीजल बसों की तुलना में कम शोर करेंगी और प्रदूषण भी नहीं फैलाएंगी, जिससे सफर अधिक आरामदायक और सुरक्षित होगा। ट्रायल रिपोर्ट के आधार पर अंतिम डिजाइन और रंग योजना तय की जाएगी।
आगामी चरण में बगराना और टोडी डिपो से संचालन शुरू करने की तैयारी है, जहां 75-75 बसें तैनात की जाएंगी। चार्जिंग स्टेशन और अन्य बुनियादी ढांचे का काम पूरा होते ही जून से आम यात्रियों के लिए सेवा शुरू करने का लक्ष्य है। इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से शहर में वायु और ध्वनि प्रदूषण कम होगा और जयपुर को स्वच्छ एवं आधुनिक परिवहन व्यवस्था की ओर मजबूत कदम मिलेगा।