जयपुर न्यूज डेस्क: जयपुर के बी-2 बाईपास पर स्थित करीब 2200 करोड़ रुपये मूल्य की बेशकीमती जमीन पर राजस्थान हाउसिंग बोर्ड (RHB) ने तीन दशक पुराने विवाद के बाद अपना कब्जा जमा लिया है। राजस्थान हाईकोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद गुरुवार को मंडल की टीम ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई करते हुए करीब 15 बीघा जमीन से 30 से अधिक अवैध निर्माणों को जमींदोज कर दिया।
कार्रवाई के दौरान माहौल काफी तनावपूर्ण रहा। दोपहर में जब टीम पहुंची, तो वहां रह रहे लोगों और शरारती तत्वों ने कड़ा विरोध किया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि प्रदर्शनकारियों ने टीम पर पथराव कर दिया, जिससे एक जेसीबी का कांच भी टूट गया। शुरुआत में पुलिस बल कम होने के कारण टीम को दिक्कतों का सामना करना पड़ा, लेकिन शाम को अतिरिक्त जाब्ता पहुंचने के बाद मंडल ने पूरी जमीन को अपने नियंत्रण में लेकर वहां अपने बोर्ड लगा दिए।
इस कानूनी जीत की आधारशिला वर्ष 1986 की ऑडिट रिपोर्ट और 2019 की जांच रिपोर्ट बनी। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि सोसायटियों द्वारा किया गया भूमि का दावा वैधानिक रूप से सही नहीं था क्योंकि उन्होंने मूल खातेदारों को पक्षकार नहीं बनाया था। कोर्ट के आदेश के बाद अब मंडल को इस भूमि पर कब्जा लेने की पूरी कानूनी छूट मिल गई है, जबकि मूल काश्तकारों को सिविल कोर्ट में जमा मुआवजा राशि लेने का हकदार माना गया है।
हाउसिंग बोर्ड के आयुक्त अरविंद पोसवाल ने बताया कि इस प्राइम लोकेशन की जमीन का उपयोग अब भव्य आवासीय और व्यावसायिक योजनाओं के विकास के लिए किया जाएगा। वर्तमान में जिन हिस्सों में कुछ परिवार रह रहे हैं, उन्हें भी नियमानुसार नोटिस देकर हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। मंडल ने यह भी स्पष्ट किया है कि फिलहाल इस क्षेत्र की अन्य 86 कॉलोनियों पर किसी भी प्रकार की कार्रवाई करने की योजना नहीं है।