जयपुर, 30 नवम्बर। उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली बिना जानकारी के झूठ की राजनीति कर रहे हैं। लेकिन तथ्यों के आगे कांग्रेस के फर्जी ट्वीट की कहानियां नहीं टिक सकती। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष जूली को पता होना चाहिए कि जोजड़ी नदी की समस्या 15 साल से भी पुरानी है। हमारी सरकार ने इस समस्या के स्थायी समाधान के साथ ही प्रभावित खेतों और परिवारों के लिए कई कदम उठाए हैं। जूली ट्वीट में यह भी बता दें कि कांग्रेस ने इस समस्या के समाधान के लिए क्या किया।
डॉ. बैरवा ने कहा कि हमारी सरकार में पिछले वर्ष जल-प्रभावित 5 पंचायतों के 3114 किसानों को 4 करोड़ रुपये का मुआवजा स्वीकृत किया जा चुका है, जिसके भुगतान की प्रक्रिया जारी है। इस वर्ष भी डोली, असराबा, कल्याणपुर में खराब हुई भूमि का सर्वे पूरा किया जा चुका है। प्रभावित परिवारों को राहत प्रदान करने के लिए डोली व आसपास के गांवों में 170 घरों का सर्वे कर 70 परिवारों को आर्थिक सहायता के लिए चिन्हित किया गया है।
उन्होंने कहा कि डोली क्षेत्र में जलभराव, मार्ग सुधार तथा तात्कालिक राहत के लिए ग्रेवल डालकर प्रभावित मार्गों को चालू कराया गया है तथा कई स्थानों पर त्वरित मरम्मत पूरी की जा चुकी है। वहीं दूषित पानी के स्थायी समाधान के लिए जोजड़ी नदी के कायाकल्प हेतु NABCON संस्था को डीपीआर बनाए जाने का वर्कऑर्डर जारी किया जा चुका है।
जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष कांग्रेस के समय में प्रदेश के किसानों को केवल चुनावी वादों का सहारा मिलता था। कांग्रेस के शासनकाल में किसान कर्ज के बोझ के तले दबा रहा। कांग्रेस के नेताओं ने कभी किसानों की सुध नहीं ली और अब भी केवल ट्वीट-ट्वीट खेलकर झूठी सहानुभूति दिखा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने किसानों का दर्द समझा है। किसानों के लिए सम्मान निधि एवं न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी की है। प्रदेश के किसानों को 9 हजार रुपये प्रतिवर्ष सम्मान निधि एवं एमएसपी पर 150 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस मिल रहा है। 77 लाख से अधिक किसानों को 43 हजार करोड़ से अधिक के अल्पकालीन ब्याज मुक्त फसली ऋण वितरित किए गए है।
रावत ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने ईआरसीपी को लटकाया और भटकाया। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में हमारी सरकार ने राम जल सेतु लिंक परियोजना को प्राथमिकता पर रखकर काम किया, जिससे 17 जिलों में 4 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित होंगी। प्रदेश के 22 जिलों में किसानों को दिन में बिजली देना प्रारंभ कर दिया गया है तथा सभी किसानों को वर्ष 2027 तक दिन मे बिजली मिलेगी।
उन्होंने कहा कि जोजड़ी नदी मामले में अब तक 3114 किसानों को 4 करोड़ रुपये का मुआवजा स्वीकृत किया जा चुका है तथा इस वर्ष भी प्रभावित भूमि का नया सर्वे पूरा हो चुका है। राज्य सरकार प्रभावित सड़कों, खालों, मार्गों और जलभराव पर त्वरित कार्रवाई की है। साथ ही, दूषित पानी के स्थायी समाधान के लिए डीपीआर बनाने का वर्कऑर्डर भी जारी हो चुका है।