जयपुर न्यूज डेस्क: राजस्थान की राजधानी जयपुर के महेश नगर थाना क्षेत्र से कॉर्पोरेट जगत को स्तब्ध कर देने वाला हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ एक नामचीन कारोबारी को आधुनिक एआई (AI) और डीपफेक तकनीक के जाल में फंसाकर करीब 90 लाख रुपये की मोटी रकम वसूल ली गई। मामले की भनक लगते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी महिला को जोधपुर से गिरफ्तार कर लिया है, जिससे पूछताछ जारी है।
डीपफेक तकनीक से रची गई साजिश:
प्रोजेक्ट हड़पने की थी मंशा: पुलिस जांच के मुताबिक, आरोपी महिला ने पहले तो कारोबारी से अपनी नजदीकियां बढ़ाईं और फिर उसके करोड़ों रुपये के ड्रीम एआई प्रोजेक्ट पर कब्जा करने की नीयत से एक खौफनाक साजिश रची।
फर्जी अश्लील वीडियो तैयार किए: महिला ने एडवांस एआई टूल्स का दुरुपयोग करते हुए कारोबारी की कथित आपत्तिजनक और अश्लील तस्वीरें व डीपफेक वीडियो तैयार कर लिए। इसके बाद इन फर्जी वीडियो को सोशल मीडिया और ईमेल के जरिए इंटरनेट पर वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेलिंग का खेल शुरू किया गया।
लोक-लाज के डर से दिए 90 लाख रुपये:
पीड़ित कारोबारी ने महेश नगर थाने में दर्ज कराई अपनी शिकायत में बताया कि यह शातिर गिरोह उसे लंबे समय से गंभीर रूप से मानसिक प्रताड़ना दे रहा था। समाज में बदनामी और अपने परिवार की सुरक्षा के डर से वह घुटता रहा और आरोपियों को अब तक अलग-अलग किस्तों में करीब 90 लाख रुपये दे चुका था। इसके बावजूद, गिरोह की भूख शांत नहीं हुई और उन्होंने अतिरिक्त 50 लाख रुपये की नई डिमांड रख दी; साथ ही रकम न देने पर कारोबारी को झूठे दुष्कर्म के मामले में फंसाने और परिवार को खत्म करने की धमकी दी।
मास्टरमाइंड की तलाश और अन्य पीड़ितों की आशंका:
डीसीपी साउथ और महेश नगर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और बैंक ट्रांजैक्शन के आधार पर मुख्य आरोपी महिला को लोकेट कर जोधपुर से दबोच लिया। पुलिस के अनुसार, इस पूरे हाईटेक रैकेट के पीछे एक पुरुष मास्टरमाइंड काम कर रहा है, जो पर्दे के पीछे से इस पूरे षड्यंत्र की स्क्रिप्ट लिख रहा था। पुलिस अधिकारियों को अंदेशा है कि इस गिरोह ने तकनीक का डर दिखाकर कई अन्य रईस लोगों को भी अपना शिकार बनाया होगा, जो बदनामी के डर से सामने नहीं आ रहे हैं। फिलहाल पुलिस मुख्य सरगना की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।