तकनीकी दुनिया की दो दिग्गज कंपनियां, एप्पल (Apple) और इंटेल (Intel), एक बड़े समझौते के करीब पहुंच गई हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, एप्पल ने अपने भविष्य के डिवाइसेस के लिए इंटेल की चिप निर्माण सेवाओं (Foundry Services) का उपयोग करने के लिए एक प्रारंभिक समझौता किया है।
इंटेल के लिए बड़ी कामयाबी
यह सौदा इंटेल के लिए एक बहुत बड़ी जीत माना जा रहा है, जो पिछले कुछ समय से चिप निर्माण के क्षेत्र में अपनी खोई हुई साख वापस पाने की कोशिश कर रही है। एप्पल ने सालों पहले अपने मैक (Mac) कंप्यूटरों के लिए इंटेल के प्रोसेसर का इस्तेमाल बंद कर दिया था और अपने खुद के 'M-सीरीज' चिप्स बनाना शुरू कर दिया था। अब, एप्पल के साथ फिर से जुड़ना इंटेल के 'आईडीएम 2.0' (IDM 2.0) रणनीति के लिए एक मील का पत्थर साबित हो सकता है।
समझौते की मुख्य बातें:
- इंटेल 18A तकनीक: एप्पल द्वारा इंटेल की सबसे उन्नत '18A' (1.8 नैनोमीटर) निर्माण प्रक्रिया का उपयोग करने की संभावना है।
- सप्लाई चेन में विविधता: वर्तमान में एप्पल अपनी अधिकांश चिप्स के लिए ताइवान की कंपनी TSMC पर निर्भर है। इंटेल के साथ आने से एप्पल को अपनी सप्लाई चेन में विविधता लाने और जोखिम कम करने में मदद मिलेगी।
- अमेरिका में निर्माण: इंटेल के साथ इस साझेदारी का मतलब है कि एप्पल की कुछ चिप्स अब अमेरिका में स्थित इंटेल के कारखानों में बन सकती हैं, जो अमेरिकी सरकार की 'चिप्स एक्ट' नीति के अनुरूप है।
एप्पल को क्या होगा फायदा?
एप्पल हमेशा अपनी सप्लाई चेन पर नियंत्रण रखना चाहता है। इंटेल की नई निर्माण तकनीक का उपयोग करके एप्पल अपने आईफोन, आईपैड और मैक के लिए और भी शक्तिशाली और ऊर्जा-कुशल (Energy-efficient) चिप्स विकसित कर पाएगा।
बाजार पर असर
हालाँकि यह समझौता अभी शुरुआती दौर में है और इसकी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है, लेकिन इस खबर ने सेमीकंडक्टर उद्योग में हलचल पैदा कर दी है। यदि यह डील पूरी होती है, तो यह इंटेल को दुनिया के सबसे बड़े चिप निर्माताओं (जैसे TSMC और सैमसंग) की कतार में फिर से मजबूती से खड़ा कर देगी।
निष्कर्ष
एप्पल और इंटेल का यह संभावित पुनर्मिलन न केवल इन दोनों कंपनियों के लिए, बल्कि वैश्विक चिप उद्योग के समीकरण बदलने वाला साबित हो सकता है। इससे आने वाले समय में टेक डिवाइसेस की परफॉर्मेंस और उपलब्धता में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।