जयपुर न्यूज डेस्क: जयपुर में राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर बेंच को शुक्रवार को एक बार फिर बम धमकी का सामना करना पड़ा। धमकी भरे ईमेल में कहा गया कि “CJI का दौरा रद्द करें और हाईकोर्ट को दोपहर 12 बजे तक खाली कर दें। RDX बम लगाए गए हैं।” इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने हाईकोर्ट परिसर की पूरी जांच की, जिससे कार्यवाही लगभग आधे घंटे के लिए बाधित रही। हालांकि, किसी भी संदिग्ध वस्तु का पता नहीं चला।
यह धमकी इस साल की तीसरी और कुल मिलाकर 31 अक्टूबर, 2025 के बाद दसवीं बम धमकी है। पहले भी 5, 8, 9, 10 और 11 दिसंबर को धमकियां मिली थीं। इसके अलावा फरवरी 2026 में 6, 17 और 19 तारीख को भी धमकी भरे ईमेल प्राप्त हुए थे। इन धमकियों ने अदालत के कामकाज और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस धमकी का समय चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत के जयपुर दौरे से पहले था। वे राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में तीन दिवसीय साइबर सुरक्षा सेमिनार का उद्घाटन करने वाले हैं। सुरक्षा बलों ने बम स्क्वॉड और कुत्ता स्क्वॉड की मदद से हाईकोर्ट परिसर की पूरी सघन जांच की। जांच में किसी संदिग्ध वस्तु का पता नहीं चला, लेकिन सुरक्षा सतर्कता बढ़ा दी गई।
साइबर कानून विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे धमकी भरे ईमेल भेजने वालों का पता लगाना चुनौतीपूर्ण है क्योंकि अक्सर VPN सेवाओं का इस्तेमाल किया जाता है। VPN के माध्यम से भेजा गया ईमेल भेजने वाले का IP छुपा देता है, लेकिन VPN प्रदाता आंतरिक लॉग रखते हैं। कानूनी प्रक्रिया के तहत अधिकारियों के लिए अपराधी को ट्रैक करना संभव है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि अदालतों के कामकाज और सुरक्षा को बाधित करने के लिए साइबर टूल्स का दुरुपयोग एक गंभीर खतरा बन सकता है।