शाह ने कहा, वक्फ बिल चोरी के लिए नहीं, गरीबों के लिए, यह सरकार का कानून, मानना पड़ेगा, जानिए पूरा मामला

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Posted On:Wednesday, April 2, 2025

मुंबई, 02 अप्रैल, (न्यूज़ हेल्पलाइन)। लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल 2024 पेश किया गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, वक्फ बिल चोरी के लिए नहीं, गरीबों के लिए है। एक मेंबर कह रहे अल्पसंख्यक स्वीकार नहीं करेंगे, क्या धमकी दे रहे हो भाई। संसद का कानून है, स्वीकार करना पड़ेगा। वक्फ में एक भी गैर इस्लामिक नहीं आएगा। ऐसा कोई प्रोविजन भी नहीं है। वोट बैंक के लिए माइनॉरिटीज को डराया जा रहा है। वक्फ एक अरबी शब्द है। इसका मतलब है अल्लाह के नाम पर धार्मिक उद्देश्यों के लिए संपत्ति का दान। दान उसी चीज का किया जाता है, जिस पर हमारा हक है। जहां तक भारत का सवाल है। आजादी के बाद इसे बदला गया। ये पूरा झगड़ा 1995 से चल रहा है। ये पूरा झगड़ा वक्फ में दखल का है। सुबह से जो चर्चा चल रही है। उसे मैंने बारीकी से सुना है। ढेर सारी भ्रांतियां सदस्यों में हैं। कई भ्रांतियां देश में फैलाई जा रही हैं। 2013 में वक्फ के जो अमेंडमेंट आए, वो न किया होता तो ये बिल लाने की जरूरत नहीं पड़ती। 2014 में चुनाव आने वाला था, 2013 में रातोंरात तुष्टीकरण के लिए वक्फ कानूनों को बदला गया था। इसके कारण दिल्ली लुटियंस की 123 VVIP संपत्ति कांग्रेस सरकार ने वक्फ को देने का काम किया।

शाह ने कहा, 2013 में लालू प्रसाद जी ने कहा था कि सरकार ने विधेयक संशोधन किया। उसका स्वागत है। आप देखिए सारी जमीनें हड़प ली गई हैं। वक्फ में काम करने वाले लोगों ने प्राइम जमीनों को बेच दिया है। पटना में ही डाक बंगला हड़प लिया गया। हम चाहते हैं कि आप भविष्य में सख्त कानून लाइए और चोरी करने वालों को जेल में भेजिए। लालू जी की इच्छा इन्होंने (UPA) तो पूरी नहीं की, मोदी जी ने पूरी कर दी। इस देश के नागरिक को, किसी भी धर्म का हो, कोई आंच नहीं आएगी। ये नरेंद्र मोदी सरकार है। ये सालों से जातिवाद और तुष्टिकरण पर काम करते आए हैं। अपने परिवार की पॉलिटिक्स को आगे बढ़ाया है। शाह ने कहा कि 2014 से जातिवाद-तुष्टिकरण-परिवार को नरेंद्र मोदी सरकार ने खत्म करके, विकास की राजनीति को बढ़ावा दिया है। 3 टर्म मोदी जी को जिताया है और 3 टर्म भाजपा की सरकार बनने वाली है। विपक्ष धर्म में दखल दे रहा है। वक्फ हमारे यहां ट्रस्ट एक्ट है। ट्रस्ट को बनाने वाले और मैनेजिंग ट्रस्टी होता है। वक्फ में सभी चीजें इस्लाम को मानने वाले हैं। इसीलिए हम कह रहे हैं कि वक्फ बनाने वाला इस्लाम का आदमी हो। आप उसमें भी नॉन इस्लामिक चाहते हो। ट्रस्ट के अंदर ट्रस्टी चर्च में क्रिश्चियन होंगे, हिंदू के लिए हिंदू होगा। चैरिटी कमिश्नर कहेंगे कि मुस्लिम क्यों आ गया। चैरिटी कमिश्नर को एडमिनिस्ट्रेटिव वर्क देखना है। सारे धर्मों में आप ऐसा करोगे तो देश टूट जाएगा।

गृह मंत्री शाह ने रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा, केरल और इलाहाबाद हाईकोर्ट कह चुकी हैं कि धार्मिक क्रियाकलाप तो वक्फ करेगा, वक्फ बोर्ड नहीं। विपक्ष का कहना है कि कोई गड़बड़ी नहीं हुई। 2013 में अन्यायी (वक्फ कानून) कानून आया। 1913 से लेकर 2013 तक वक्फ बोर्ड की कुल एकड़ भूमि 18 लाख एकड़ थी। 2013 से 2025 तक कानून बनने का प्रभाव क्या हुआ, 21 लाख एकड़ भूमि जुड़ गई। लीज पर 20 हजार संपत्तियां दी गई थीं। रिकॉर्ड के हिसाब से बाद में ये शून्य हो गईं। ये कहां गईं, बेच दी गईं। किसकी इजाजत से बेची गईं। 2013 के बिल को हम अकेले अन्यायी नहीं कह रहे हैं। तमाम कैथोलिक संस्थान कह रहे हैं। 250 हेक्टेयर वाले 12 गांवों पर तमिलनाडु में वक्फ का हक हो गया। मंदिर की 400 एकड़ जमीन को वक्फ की संपत्ति घोषित कर दिया। कर्नाटक में एक रिपोर्ट पढ़ रहा हूं। वक्फ की 29 हजार एकड़ भूमि किराए के लिए दे दी गई। 2001 से 2012 के बीच 2 लाख करोड़ की वक्फ की संपत्ति निजी संस्थानों को 100 साल की लीज पर दे दी। बेंगलुरु में 602 एकड़ जमीन को जब्त करने से रोकने के लिए हाईकोर्ट को बीच में आना पड़ा। 500 एकड़ जमीन 5 स्टार होटल को 12 हजार महीना किराए पर दे दी गई। विपक्ष कहता है कि इसका हिसाब-किताब न करो। ये पैसा गरीबों का है, उनके लूटने के लिए नहीं है। कर्नाटक में मंदिर की 600 एकड़ जमीन पर दावा किया गया, चर्चों पर कब्जा कर लिया। वक्फ बिल के समर्थन में चर्च भी हैं।

अमित शाह ने कहा, वक्फ जो कि मुस्लिम भाइयों की धार्मिक क्रियाकलाप और उनके दिए दान से चल रहा है। मुतवल्ली भी आपका होगा और वक्फ भी। अब से देखा जाएगा कि वक्फ की संपत्ति का रखरखाव हो रहा है या नहीं, कानून के हिसाब से सारी चीजें चल रहीं है या नहीं। इस बिल से पारदर्शी ऑडिट होगा। बैलेंस शीट देखी जाएगी, पारदर्शिता से क्यों बचना चाहिए। आपने कहा था कि वक्फ के आदेश को चुनौती ही नहीं दी जा सकती। किसी भी अदालत में अब इसे चैलेंज किया जा सकेगा। इसमें साफ किया है कि कानून पर अमल नोटिफिकेशन के बाद होगा। एक बात बताओ, मंदिर के लिए जमीन खरीदनी है तो मालिक कौन होगा, ये कौन तय करेगा, कलेक्टर ही तय करेगा। वक्फ की जमीन किसकी है, यह जांच कलेक्टर करे तो आपत्ति क्या है। ढेर सारे चर्च बने हैं, गुरुद्वारे हैं, सरकारी संपत्ति पर नहीं बने हैं। वक्फ की भूमि सरकारी है या नहीं, ये कलेक्टर जांच करेगा। भाजपा का सिद्धांत स्पष्ट है कि हम वोट बैंक के लिए कानून नहीं लाएंगे। कानून न्याय के लिए होता है। ये बोलें कि कैसे कैसे कानून ला रहे हैं। उन्होंने कहा कि 33 प्रतिशत आरक्षण महिलाओं को दिया गया। ये कानून इसी (मोदी सरकार) सरकार में आया। गरीबों को गैस, शौचालय, पानी, 5 लाख तक का बीमा, बिजली और घर दिए गए।

शाह ने आगे कहा, आपके (विपक्ष) हिसाब से चर्चा नहीं होगी। इस सदन में हर सदस्य बोलने के लिए स्वतंत्र है। किसी परिवार की नहीं चलती है, जनता के नुमाइंदे हैं और चुनकर आए हैं। कोई भी फैसला देश की अदालत की पहुंच से बाहर नहीं रखा जा सकता। जिसकी जमीन हड़प ली गई वो कहां जाएगा। आपने अपने फायदे के लिए किया था और हम खारिज करते हैं। उन्होंने कहा कि हमने रेवेन्यू का मामला कम कर दिया। 7 फीसदी से 5 फीसदी कर दिया। ये गलत समझ रहे हैं, ये पैसा वक्फ के काम आएगा। कोई मस्जिद बन रही है तो ज्यादा पैसा मिलेगा। आदिवासियों, ASI, निजी संपत्ति सुरक्षित होगा। वक्फ करने के लिए स्वामित्व होना जरूरी है। पारदर्शिता के लिए सूचना की प्रक्रिया को अपनाना होगा। नए वक्फ पारदर्शी रूप से रजिस्टर्ड कराने होंगे।


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