AI पावर्ड 4D रडार इंटरसेप्टर क्या? ट्रैफिक नियम तोड़े तो इस तरह कट जाएगा चालान

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Posted On:Friday, April 4, 2025

नई दिल्ली: अब दिल्ली की सड़कों पर ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले लोगों की खैर नहीं। दिल्ली पुलिस ने ट्रैफिक व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए एक नई हाईटेक प्रणाली को तैनात करने की घोषणा की है। इस अत्याधुनिक प्रणाली का नाम है – AI संचालित 360 डिग्री 4D रडार इंटरसेप्टर। यह सिस्टम सीसीटीवी कैमरों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक के साथ लैस है जो नियम उल्लंघन को तुरंत पहचानकर कार्रवाई करेगा।

क्या है यह AI संचालित 4D रडार इंटरसेप्टर?

AI-संचालित 360 डिग्री घूमने वाला 4D रडार इंटरसेप्टर एक ऐसा स्मार्ट ट्रैफिक मॉनिटरिंग सिस्टम है जो पूरी तरह से स्वचालित है और रडार, कैमरा, सेंसर और उन्नत सॉफ्टवेयर एल्गोरिदम के साथ आता है। यह ओवरस्पीडिंग, बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट, मोबाइल पर बात करते हुए ड्राइविंग, तीन लोगों के दोपहिया वाहन पर सवारी और फैंसी नंबर प्लेट जैसी सभी ट्रैफिक उल्लंघनों को पहचान सकता है।

कहां तैनात होंगे ये इंटरसेप्टर्स?

पीटीआई के अनुसार, ये हाईटेक 4D रडार इंटरसेप्टर दिल्ली पुलिस की विशेष वैनों की छत पर लगाए जाएंगे। इन वाहनों में ANPR (Automatic Number Plate Recognition) तकनीक लगी होगी, जिससे यह दूर से ही वाहन की नंबर प्लेट स्कैन कर सकेगा। इसके अलावा, यह सड़कों पर हर प्रकार के यातायात उल्लंघनों को कैद कर स्वचालित चालान प्रणाली से जोड़ देगा।

पुलिसकर्मियों को मिलेगी बड़ी राहत

AI इंटरसेप्टर के आने से ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को अब बीच सड़क पर खड़े होकर वाहनों को रोकने और चालान काटने की आवश्यकता नहीं होगी। यह प्रणाली न केवल पुलिसकर्मियों को जोखिम से बचाएगी बल्कि उनके समय और ऊर्जा की भी बचत करेगी। साथ ही, सड़क पर होने वाले विवादों की संख्या में भी कमी आएगी।

कैसे करता है यह सिस्टम काम?

यह सिस्टम एक विशिष्ट क्षेत्र में 360 डिग्री रडार तकनीक के माध्यम से हर दिशा में घूम सकता है। यह ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों को पहचानता है और तुरंत उनकी छवि और जानकारी रिकॉर्ड करता है। इसके बाद, यह डेटा NIC (राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र) को भेज दिया जाता है जहाँ से ई-चालान जारी किया जाता है। इस पूरी प्रक्रिया में किसी भी मानवीय हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं होती।

परीक्षण के दौरान चौंकाने वाले आंकड़े

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस सिस्टम का एक पायलट परीक्षण पिछले सप्ताह किया गया था। परीक्षण के दौरान कुल 120 ऐसे वाहनों की पहचान की गई जिन्होंने ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन किया था। सभी को उसी समय स्वचालित ई-चालान भेजे गए।

रेडियो फ्रीक्वेंसी से मापेगा गति

एक अधिकारी के अनुसार, यह इंटरसेप्टर रेडियो फ्रीक्वेंसी तकनीक का उपयोग करके यह पता लगाएगा कि कोई वाहन गति सीमा का उल्लंघन कर रहा है या नहीं। इससे गलत स्पीडिंग को रोका जा सकेगा और सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी।

वाहन चालक अब नहीं बच पाएंगे

वर्तमान में पुलिसकर्मी चालान जारी करने के लिए मोबाइल से नंबर प्लेट की फोटो खींचते हैं या CCTV फुटेज का उपयोग करते हैं, परंतु AI 4D रडार इंटरसेप्टर से यह पूरी प्रक्रिया स्वचालित हो जाएगी। इसमें वाहन चालक को बहानेबाजी का मौका नहीं मिलेगा, और न ही पुलिसकर्मी को धूप में खड़ा होकर जोखिम उठाना पड़ेगा।

भविष्य की ओर एक बड़ा कदम

यह नई पहल दिल्ली को एक स्मार्ट ट्रैफिक कंट्रोल सिटी बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। यह तकनीक समय और संसाधनों दोनों की बचत करेगी। साथ ही, यह ट्रैफिक नियमों के पालन को प्रोत्साहित करेगी और सड़कों को सुरक्षित बनाएगी।

निष्कर्ष:

AI-संचालित 360 डिग्री 4D रडार इंटरसेप्टर दिल्ली की ट्रैफिक व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव लाएगा। यह केवल एक तकनीकी उन्नति नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा और अनुशासन की दिशा में एक सशक्त पहल है। दिल्ली सरकार और पुलिस प्रशासन का यह प्रयास आने वाले समय में अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल बन सकता है।


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