जयपुर न्यूज डेस्क: राजस्थान में पीएम-ई बस सेवा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। राजधानी जयपुर में एक सप्ताह पहले 9 और 12 मीटर की इलेक्ट्रिक बसों का ट्रायल किया जा चुका है। वहीं ग्वालियर के लिए 60 ई-बसें धार जिले के पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में तैयार की जा रही हैं। छह मार्च को नगर निगम अधिकारियों को बसों का निरीक्षण करने के लिए कंपनी की ओर से आमंत्रित किया गया है।
नगर निगम के अपर आयुक्त मुनीष सिकरवार पांच मार्च को तकनीकी टीम के साथ पीथमपुर जाएंगे। दूसरी ओर राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री सुगम बस सेवा के संचालन के लिए एक होल्डिंग कंपनी बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब तक पीएम-ई बस सेवा का संचालन नगर निगम को करना था, लेकिन नए आदेश के अनुसार ग्वालियर-चंबल संभाग के लिए ट्रांसपोर्ट विभाग के अधीन बनने वाली होल्डिंग कंपनी ही संचालन करेगी। प्रदेश के ग्वालियर, इंदौर और भोपाल सहित छह शहरों में कुल 582 बसें चलाई जाएंगी।
बस संचालन के लिए चयनित कंपनी ग्रीन सेल मोबिलिटी के साथ एग्रीमेंट में देरी हो रही है। कंपनी के प्रतिनिधियों को फरवरी में समझौते के लिए आना था, लेकिन अब होली के बाद एग्रीमेंट होने की संभावना जताई जा रही है। बैंक गारंटी जमा होने के बाद ही निगम औपचारिक समझौता करेगा।
जयपुर में 26 फरवरी को हुए ट्रायल के दौरान 9 मीटर की लो फ्लोर बस में दिव्यांगों के लिए बने हाइड्रोलिक व्हीलचेयर गेट का ट्रायल फेल हो गया था, क्योंकि गेट खुल नहीं सका। इसके बाद 12 मीटर की बस में व्हीलचेयर सिस्टम की दोबारा जांच की गई। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि तकनीकी खामियों को दूर करने के बाद ही सेवा शुरू की जाएगी।