जयपुर न्यूज डेस्क%3A राजस्थान के बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। प्रदेश में 150 यूनिट फ्री बिजली योजना के सफल क्रियान्वयन के बाद अब सरकार ने रूफटॉप सोलर सिस्टम वाले घरों के लिए नई सुविधा दी है। जयपुर डिस्कॉम ने आदेश जारी करते हुए उपभोक्ताओं को अब हाइब्रिड इन्वर्टर और बैटरी स्टोरेज सिस्टम के साथ सोलर प्लांट लगाने की अनुमति दे दी है। इस फैसले से उन परिवारों को फायदा होगा जिन्होंने अपनी छत पर सोलर पैनल लगवाए हैं और अब वे अपनी अतिरिक्त बिजली को स्टोर करके रात या बिजली कटौती के दौरान भी उपयोग कर सकेंगे।
जयपुर डिस्कॉम के नए नियमों के अनुसार उपभोक्ता अब नेट मीटरिंग में अतिरिक्त बिजली ग्रिड को भेजने के बजाय बैटरी में स्टोर कर सकेंगे। हाइब्रिड सिस्टम की मदद से वे अपनी उत्पादन क्षमता का अधिकतम लाभ उठा सकेंगे। यह नियम नेट मीटरिंग, ग्रॉस नेट मीटरिंग और वर्चुअल नेट मीटरिंग सभी श्रेणियों पर लागू होगा।
सोलर सिस्टम में सुरक्षा और तकनीकी विकल्पों का विस्तार भी किया गया है। अब बैटरी स्टोरेज के अलावा छोटे विंड हाइब्रिड सिस्टम और सोलर ट्रैकर जैसे विकल्प जोड़े जा सकेंगे। हालांकि सभी उपकरणों का सुरक्षा मानक और तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप होना अनिवार्य होगा। इससे न केवल उपभोक्ताओं को फायदा होगा, बल्कि पीक समय में बिजली ग्रिड पर दबाव भी कम होगा, जिससे बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता और स्थिरता में सुधार होगा।
वर्तमान में राजस्थान रूफटॉप सोलर उत्पादन में देश में तीसरे स्थान पर है। आंकड़ों के अनुसार गुजरात 6563 मेगावाट और महाराष्ट्र 5023 मेगावाट के साथ पहले और दूसरे स्थान पर हैं, जबकि राजस्थान 2064 मेगावाट उत्पादन कर रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि बैटरी स्टोरेज और हाइब्रिड इन्वर्टर की अनुमति मिलने के बाद सोलर पैनल लगाने वाले परिवारों की संख्या बढ़ेगी, जिससे उपभोक्ताओं के बिजली बिल कम होंगे और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
Posted On:Friday, March 6, 2026